Maiya Samman Yojana: जागरण की खबरों के अनुसार झारखंड में मंईयां सम्मान योजना महिलाओं और अधिकारियों के लिए रोजाना परेशानी का कारण बनती जा रही है। महिलाएं गुस्से में हैं और सरकार की आलोचना कर रही हैं, वहीं अधिकारी तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं। योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली सहायता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली में अव्यवस्था ने राज्य के इस महत्वपूर्ण पहल को विवादों में डाल दिया है।
Maiya Samman Yojana
महिला एवं बाल विकास विभाग ने दो दिन पहले मंईयां सम्मान योजना के पोर्टल को सुधारने के बाद फिर से खोलने की जानकारी दी थी। इस खबर को समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन अब तक BDO, CO और अन्य अधिकारियों के लिए यह साइट नहीं खुल रही है। योजना के तहत अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन को स्वीकृत करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह प्रक्रिया अब तक सुचारू रूप से नहीं चल पाई है।
कहा गया था कि इन अधिकारियों के लिए लॉगिन की सभी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, ताकि वे आवेदकों को ऑनलाइन स्वीकृति दे सकें। लेकिन अब तक साइट काम नहीं कर रही है, जिससे अधिकारियों को प्रतिदिन नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लॉक ऑफिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले का पासपोर्ट लॉगिन अमान्य दिखा रहा है, जिससे प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इसके कारण अधिकारी निरंतर कार्यों में रुकावट का सामना कर रहे हैं।
साइट नहीं काम कर रही है
इस संबंध में ब्लॉक कार्यालय में किसी प्रकार का कोई पत्र विभागीय स्तर से नहीं आया है और साइट भी काम नहीं कर रही है। यहां तक कि उन महिलाओं में भी निराशा का माहौल है, जो इस योजना का लाभ लेने के लिए महीनों से इंतजार कर रही थीं। समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित होने के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी, लेकिन साइट के काम न करने से उनका आवेदन अभी भी अधर में लटका हुआ है।
महिलाओं का ऑनलाइन आवेदन नहीं हो सका
अब तक इस संदर्भ में एक भी वंचित महिला का आवेदन ऑनलाइन नहीं किया जा सका है। डॉ. एसएन त्रिपाठी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “हमारी सरकार जो भी वादा करती है, उसे पूरा करती है। देर से ही सही, लेकिन इस योजना में ऑनलाइन आवेदन में जो गड़बड़ी आई है, उसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा और पोर्टल काम करेगा।”
Maiya Samman Yojana क्या है?
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, झारखंड की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके और वे अपने परिवार की भलाई के लिए काम कर सकें। इस योजना से राज्य की महिलाओं को एक नई उम्मीद मिल रही थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और साइट के काम न करने के कारण उनके आवेदन अधर में लटके हुए हैं।
साथ ही, जनवरी महीने में आवेदनकर्ताओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि जनवरी में 59 लाख से अधिक महिला आवेदनकर्ताओं की संख्या हो सकती है। इस योजना में आवेदन करने के लिए महिलाएं अपने संबंधित ब्लॉक कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों में ज़ोनल कार्यालयों में आवेदन जमा कर रही हैं।
हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर आवेदन की जांच में गड़बड़ियां भी सामने आई हैं, जो योजना की प्रभावी कार्यान्वयन को प्रभावित कर रही हैं। राज्य सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि योजना को सही तरीके से लागू किया जा सके और महिलाओं को समय पर लाभ मिल सके।